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35000 योग शिक्षकों की भर्ती, पाठ्यक्रम में शामिल होगा योग

रायपुर। प्रदेश में शहर से लेकर गांवों तक सभी लोगों को योग से जोड़ने की पहल की जा रही है। 26 जनवरी से सभी ग्राम पंचायतों में ट्रेंड योग शिक्षक प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू करेंगे। योग आयोग दूसरे चरण के तहत शहरों में अप्रैल से मास्टर ट्रेनर व ट्रेनर तैयार करेगा।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश की दस हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में सुबह योग की कक्षाएं चलेंगी। नए शिक्षा सत्र से पाठ्यक्रम में शामिल नए शिक्षा सत्र से सभी स्कूलों में योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी चल रही है।

इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। ज्ञात हो छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जहां पर योग आयोग का गठन किया गया है। योग शिविर 21 से 25 दिसंबर तक चला, जिसमें सुबह 10 बजे से योगासन, योग जागिंग, प्रणायाम, योग निद्रा, सूर्य नमस्कार सिखाया गया।

योग शरीर को शक्तिशाली एवं लचीला बनाए रखता है साथ ही तनाव से भी छुटकारा दिलाता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी के लिए आवश्यक है। योग आसन और योग मुद्राएं तन और मन दोनों को क्रियाशील बनाए रखती हैं।

संभाग स्तर पर तैयार हो रहे ट्रेनर बस्तर फिर रायपुर और दुर्ग संभाग, इसके बाद बिलासपुर सरगुजा संभाग में मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। इन ट्रेनरों के माध्यम से बस्तर संभाग के लिए पांच हजार और रायपुर, दुर्ग संभाग के 13 हजार ट्रेनर तैयार कर लिए गए हैं।

अब 10 से 14 जनवरी तक बिलासपुर और सरगुजा संभाग के 65 ब्लॉकों के लिए 17 हजार ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ट्रेनर ग्राम पंचायतों में रोज नि:शुल्क क्लास लेंगे। एक ग्राम पंचायत में चार ट्रेनर रखे जाएंगे।

योग हेल्थ के साथ कई बीमारियों का निदान योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। इसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है।

तीनों के स्वस्थ रहने से स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। पं रविशंकर शुक्ल विवि योग विभाग के मास्टर ट्रेनर सम्मुख राव ने बताया कि योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है।

कॅरियर के लिहाज से स्टूडेंट में चर्चित विषय 

पं रविवि के योग अध्ययन शाला विभाग के एचओड़ी डॉ. भगवंत सिंह ने बताया कि योग पाठ्यक्रम कॅरियर के लिहाज से स्टूडेंट में चर्चित विषय बन गया है। विवि से पढ़ाई करने के बाद एक भी स्टूडेंट्स बेरोजगार नहीं बैठता है। यही वजह है कि प्रतिवर्ष नए सत्र में दाखिले के लिए स्टूडेंट्स की भीड़ रहती है। सीट निर्धारित होने की वजह से काफी स्टूडेंट्स को दाखिला नहीं मिल पाता।

– योग ट्रेनिंग देने का कार्य आयोग ने पूरा कर दिया है। अब सरकार की तरफ से जैसा आदेश मिलेगा, उसके अंतर्गत योजनाएं संचालित होंगी। 

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