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लेन-देन के विवाद में बलवा, तलवार, चाकू चली

रायपुर। राजधानी के सिविल लाइन और तेलीबांधा इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी पैसे के लेन-देन और रंजिश का बदला लेने दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। एक गुट के युवक की पिटाई से नाराज होकर दूसरे गुट के लोगों ने लाठी, डंडा, चाकू और तलवार से लैस होकर हमला बोल दिया। आधी रात हुए इस हमले के बाद दोनों गुटों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बलवा का अपराध कायम कर दोनों गुटों के पांच-पांच कुल दस हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से धारदार हथियार भी जब्त किए गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तेलीबांधा गली नंबर 3 निवासी राहुल आहूजा उर्फ गोपी (19)) रात 12.30 बजे घर में सोया हुआ था, तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर वह बाहर आया तो शिव चौक, डॉ.राजेंद्रनगर वार्ड निवासी कैटरिंग का काम करने वाले जयराम चंदानी उर्फ जय बिहारी (25) समेत अमित रोहरा, प्रमोद करवानी, मुकेश कुकरेजा सामने खड़े थे। जय ने बिना कुछ कहे उससे मारपीट कर चाकू से हमला करने की कोशिश की। इस दौरान शोर सुनकर पड़ोस के अमर आहूजा और गुलशन आहूजा ने बीच-बचाव किया तो चारों आरोपी वहां से भाग निकले। इस घटना के बाद बाद राहुल ने अपने साथी मौदहापारा के हिस्ट्रीशीटर अफसर कादर (23), रामनगर, गुढिय़ारी के राजेंद्र यादव, स्टेशन रोड के कालिया उर्फ राजू यादव (18) तथा गंजपारा के कालू उर्फ डेविड तांडी के साथ लाठी-डंडा, चाकू व तलवार लेकर कार से जयराम चंदानी का पीछा करना शुरू किया। 15 मिनट के भीतर जयराम चंदानी व उनके साथियों को डा.राजेंद्रनगर वार्ड में मुख्य सड़क पर रोककर सभी की जमकर पिटाई की।
घटना की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची।
सिविल लाइन थाना प्रभारी हेमप्रकाश नायक ने बताया कि जयराम चंदानी की रिपोर्ट पर धारा 147, 148, 294, 506, 323 का अपराध कायम कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर चाकू, तलवार, डंडा और घटना में इस्तेमाल कार जब्त कर लिया गया। पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो हत्या की वारदात से इंकार नहीं किया जा सकता था। इधर तेलीबांधा थाना प्रभारी राजेश बागड़े ने बताया कि तेलीबांधा थानाक्षेत्र में हुई मारपीट के मामले में राहुल आहुजा की शिकायत पर जयराम चंदानी, प्रमोद करवानी, अमित रोहरा, मुकेश कुकरेजा को गिरफ्तार कर उनके पास से दो चाकू बरामद किया गया है।
दो साल से चला आ रहा विवाद
जयराम चंदानी और राहुल आहूजा गुट के बीच वर्ष 2016 में पैसे के लेनदेन को लेकर जमकर मारपीट हुई थी। तब से दोनों गुट एक दूसरे पर हमला करने के फिराक में लगे रहते है। रात में हुई बलवा की घटना भी इसी विवाद का नतीजा है।

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