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सिर्फ 100 रुपए में डायलिसिस…………

रायपुर। किडनी फेल होने पर ट्रांसप्लांट ही एक मात्र विकल्प है। इसके बाद मरीज पूरी जिंदगी जी सकता है, लेकिन इसके पहले डायलिसिस के जरिए मरीज सर्वाइव करता रहता है। लेकिन आज के समय में डायलिसिस का खर्च ही 2000 रुपए है। यह खर्च हर परिवार के लिए वहन कर पाना मुमकिन नहीं होता, घर-जमीन सबकुछ बिक जाते हैं और अंतः में जान चली जाती है। ऐसे ही जरूरतमंद लोगों के लिए कुछ संस्थाएं सामने आई हैं, जो सस्ती दरों में डायलिसिस की सुविधा मुहैया करा रही हैं।

जैन सम्प्रदाय के समक्ष लोगों द्वारा संचालित महावीर इंटर कांटिनेंटल सर्विस ऑर्गनाइजेशनऔर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल प्रबंधन मिलकर जरूरतमंद मरीजों को सिर्फ 400 रुपए में डायलिसिस सुविधा देंगे। यह नेक काम 7 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने बताया कि हर व्यक्ति को इलाज मिलना चाहिए।

इसके रास्ते में गरीबी न आए, समाज के समर्थ लोगों को सामने आने की जरूरत है। इस सम्प्रदाय की एक अन्य संस्था भगवान महावीर जैन रिलीज ट्रस्ट सिर्फ 100 रुपए में डायलिसिस सेवा दे रही है। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता का कभी कहना है की डीकेएस में भी 100 रुपए में यह सुविधा मिलेगी।

2018 में प्रदेश को मिलेगा पहला सरकारी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

90 करोड़ रुपए लागत से बना रहा प्रदेश का पहला सरकारी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल 2018 में मरीजों की सेवा में मौजूद होगा।इसके रिनोवेशन का काम तेज हो गया है,स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने 31 जनवरी तक काम पूरा कर भवन डीकेएस प्रबंधन को हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं।

यहां यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और एंडोक्रिनोलॉजी जैसी सुपरस्पेशलिस्टी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक 24 मार्च 2018 उद्घाटन की तारीख तय की गई है, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि हो सकते हैं।

यहां 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए जा रहे हैं, पूरा हॉस्पिटल सेंट्रल एसी, प्रत्येक वार्ड के बाहर मरीजों के नाम का डिस्प्ले बोर्ड, सभी फ्लोर में मेडिकल स्टोर होगा। साथ ही एडवांस एंबुलेंस होंगी, जिसमें मरीज को डॉक्टर देख सकेंगे और एंबुलेंस में मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ को गाइड भी कर सकेंगे। इस अस्पताल के लिए राज्य सरकार ने 30 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं, जबकि 60 करोड़ रुपए लोन लिया गया है।

सभी उपकरणों का वर्कऑर्डर जारी

डीकेएस प्रबंधन द्वारा सीजीएमएससी को जिन उपकरणों की खरीदी की सूची दी गई थी, उनमें से लगभग सभी के वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं। जिनकी खरीदी हो चुकी है, उनमें 60 वेंटिलेटर, 250 मॉनिटर, ईसीजी मशीन, 450 बेड (हाइड्रोलिक सिस्टम) आदि शामिल हैं।

मेडिकल हब रायपुर

पंडरी में 100 बिस्तर का जिला अस्पताल बनकर तैयार है, जहां पुलिस लाइन में संचालित अस्पताल शिफ्ट होगा। पुलिस लाइन अस्पताल जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया जाना प्रस्तावित है। वहीं गुढ़ियारी से लेकर भाठागांव में 100-100 बिस्तर के अस्पताल प्रस्तावित हैं।

माना में 100 बिस्तर का सिविल अस्पताल 2017 से संचालित है। इस लिहाज से देखा जाए तो शहर के चोरों कोनो में सरकारी अस्पताल सुविधाएं सरकार मुहैया करवाएगी। इसके साथ-साथ सर्वसुविधायुक्त निजी अस्पताल संचालित हैं।

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