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भाजपा को दिख रहे हैं पांच सीटों का फायदा देवव्रत के कांग्रेस छोड़ने से

रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और खैरागढ़ राजपरिवार के सदस्य व पूर्व सांसद देवव्रत सिंह के पार्टी छोड़ने पर भाजपा संगठन को नई उम्मीद जगी है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो देवव्रत का कांग्रेस का दामन छोड़ने के बाद राजनांदगांव और कर्वा की पांच विधानसभा सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत होगी।

  • देवव्रत सिंह राजनांदगांव लोकसभा के सांसद रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि लोकसभा की आठ सीट पर प्रभावी भूमिका में रहेंगे। अब देवव्रत कांग्रेस के साथ नहीं है, ऐसे में पार्टी को सीधे-सीधे पांच सीटों का फायदा होता नजर आ रहा है। खैरागढ़ और मोहला-मानपुर में कांग्रेस विधायक हैं। पिछले चुनाव में देवव्रत की सक्रियता के कारण पार्टी ने इन दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, देवव्रत का प्रभाव राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, खैरागढ़ और मोहला मानपुर विधानसभा क्षेत्रों में है। खैरागढ़ से तीन बार के विधायक रहने के कारण इस सीट को उनकी परंपरागत सीट के रूप में माना जाता है। ऐसे में इन पांचों सीटों पर पार्टी के वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा रही है। राजनीतिक हलके में चर्चा है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी देवव्रत सिंह से चर्चा की है और इस्तीफे के बाद की परिस्थितियों पर मंथन किया है।

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