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दलाई लामा ने ऐसा क्यों कहा- तब नई दिल्ली को शांति का उपदेश दें

भारत और चीन के बीच जारी डोकलाम गतिरोध पर तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा ने बयान दिया था। दलाई लामा ने दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत के जरिये इस समस्या का समाधान निकाले जाने का सुझाव दिया था। दलाई लामा के इस बयान पर चीन के सरकारी मीडिया ने भारत को ही धमकी दे डाली है। ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में कहा कि जब तक चीन की सेना भारतीय सैनिकों को धक्के देकर डोकलाम से बाहर नहीं निकाल देती, तब तक दलाई लामा अपना यह ‘शांति का संदेश’ संभालकर रखें। अखबार ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए यह धमकी भी दी कि जब चीन की सेना पलटवार करते हुए भारतीय सीमा में घुस जाएगी, तब दलाई लामा भारत को बातचीत के द्वारा चीन के साथ शांति बनाए रखने की सलाह दें। एक अन्य लेख में ग्लोबल टाइम्स ने भारत के रक्षा मंत्री अरुण जेटली के बयान पर आपत्ति जताते हुए इस तरह के बयान से दोनों देशों के बीच संघर्ष की आशंका बढ़ जाती है।

‘चीन की ताकत से डर गया है भारत, दलाई लामा को कर रहा है इस्तेमाल’
दलाई लामा के बयान का जिक्र करते हुए अखबार ने लिखा है कि वह भारत में राजनैतिक निर्वास का जीवन काट रहे हैं और भारत की दया पर रह रहे हैं। इस लेख में दलाई लामा को ‘कायर’ बताया गया है। लेख में यह भी दावा किया गया है कि चीन की सेना किसी भी समय डोकलाम में तैनात भारतीय सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है और इसी जोखिम को देखते हुए अब भारत बातचीत की अहमियत पर जोर दे रहा है। लेख में कहा गया है कि डोकलाम चीन का भूभाग है और भारतीय सैनिकों का यहां से बिना शर्त पीछे हटना ही एकमात्र उपाय है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि चूंकि भारत के हाथ में और कुछ नहीं है, इसीलिए वह दलाई लामा का कार्ड खेल रहा है। इसमें यह दावा भी किया गया है कि चीन के भूभाग में घुसने और वहां अड़ने की सजा का खतरा भारत पर मंडरा रहा है और इसीलिए नई दिल्ली ने अपना मनोबल बढ़ाने के लिए दलाई लामा को इस्तेमाल किया है।

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